
10 दिन पहले अस्पताल में थीं, अब ट्रैप शूटिंग में रचा इतिहास
नागोया। 10 दिन पहले तक अस्पताल में भर्ती भारतीय निशानेबाज नीरू धांडा ने मंगलवार को एशियन गेम्स में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने भारतीय शूटिंग का इतिहास बदल दिया। नीरू ने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप शूटिंग में 28 हिट के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वह एशियाई खेलों में इस स्पर्धा का व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं।
फ्लू और खराब तबीयत के कारण नीरू की ट्रेनिंग करीब साढ़े तीन सप्ताह प्रभावित रही थी। बीमारी के दौरान उन्होंने पांच दिन तक खाना भी नहीं खाया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और एशियाड में दमदार वापसी की।
बारिश और कम विजिबिलिटी के बीच हुए फाइनल में नीरू ने शानदार निशाने लगाते हुए चीन और कुवैत की निशानेबाजों को पीछे छोड़ा। इससे पहले वह टीम ट्रैप स्पर्धा में भारत को रजत पदक भी दिला चुकी हैं। अस्पताल के बिस्तर से गोल्ड मेडल तक पहुंची नीरू की कहानी जज्बे और हौसले की मिसाल बन गई।


