
रुड़की के डॉ. श्रीगोपाल नारसन बने भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ के राष्ट्रीय सलाहकार
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्रीगोपाल नारसन को मिली नई जिम्मेदारी, हिंदी साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में योगदान को देखते हुए किया गया मनोनीत
रुड़की। उत्तराखंड के रुड़की निवासी वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्रीगोपाल नारसन को भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ का राष्ट्रीय सलाहकार मनोनीत किया गया है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. परमानंद मोदी और राष्ट्रीय महामंत्री अशोक राठौड़ ने उनकी विशिष्ट योग्यताओं और राष्ट्रव्यापी सेवाओं को इस नियुक्ति का आधार बताया।
इस मनोनयन से साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय डॉ. नारसन को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई जिम्मेदारी मिली है।
हिंदी साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान
डॉ. श्रीगोपाल नारसन हिंदी सेवा के क्षेत्र में प्रतिष्ठित विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के मानद उपकुलपति हैं। साहित्य के प्रति उनके योगदान और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण महापरिषद से भी जुड़े
डॉ. नारसन अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण महापरिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं। इस भूमिका में वह संगठन से जुड़े विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर निभाएंगे सलाहकार की भूमिका
भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ में राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में उनका मनोनयन संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, उनकी योग्यता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह दायित्व दिया गया है।
डॉ. श्रीगोपाल नारसन की इस नियुक्ति की खबर से रुड़की के साहित्यिक और सामाजिक क्षेत्र में खुशी का माहौल है।


