घर के सदस्य बन रहे पालतू जानवर, पेट्स के प्रति बढ़ा लोगों का लगाव

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घर के सदस्य बन रहे पालतू जानवर, पेट्स के प्रति बढ़ा लोगों का लगाव

कुत्ते-बिल्लियों से आगे बढ़ा शौक, देखभाल और खान-पान पर भी खर्च कर रहे लोग

भोपाल। बदलती जीवनशैली के बीच शहरों में पालतू जानवरों के प्रति लोगों का लगाव तेजी से बढ़ रहा है। कुत्ते और बिल्लियां अब केवल घर की सुरक्षा या शौक का हिस्सा नहीं रह गई हैं, बल्कि कई परिवार उन्हें घर के सदस्य की तरह रखते हैं। पेट्स के साथ समय बिताना, उन्हें घुमाना और उनकी देखभाल करना लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है।

पालतू जानवर रखने वाले परिवार उनके खान-पान और स्वास्थ्य को लेकर भी पहले की तुलना में अधिक जागरूक नजर आ रहे हैं। बाजार में पेट्स के लिए अलग-अलग प्रकार के खाद्य पदार्थ, खिलौने, कपड़े, बिस्तर और ग्रूमिंग उत्पाद उपलब्ध हैं। कई लोग नियमित रूप से पेट्स की सफाई, बालों की ग्रूमिंग और स्वास्थ्य जांच भी करवाते हैं।

बच्चों के लिए भी बनते हैं अच्छे साथी

विशेषज्ञों के अनुसार, पालतू जानवरों के साथ समय बिताने से बच्चों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता जैसे गुण विकसित करने में मदद मिल सकती है। बच्चे पेट्स को खाना देने, उनके साथ खेलने और उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी सीखते हैं। हालांकि, छोटे बच्चों को पालतू जानवरों के साथ अकेला न छोड़ने और स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

जिम्मेदारी के साथ पालें पेट्स

पालतू जानवर रखना सिर्फ शौक नहीं, बल्कि लंबे समय की जिम्मेदारी है। उन्हें पर्याप्त भोजन, साफ पानी, सुरक्षित रहने की जगह, नियमित स्वास्थ्य जांच और जरूरी टीकाकरण की जरूरत होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी जानवर को घर लाने से पहले उसकी जरूरतों और देखभाल के बारे में पूरी जानकारी लेना जरूरी है।

शहरों में पेट्स से जुड़ी सेवाओं का दायरा भी बढ़ रहा है। ग्रूमिंग सेंटर, पेट क्लीनिक, ट्रेनिंग और पेट-केयर जैसी सुविधाएं अब पहले की तुलना में आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।

पेट्स के प्रति बढ़ता लगाव जहां इंसान और जानवरों के बीच मजबूत रिश्ते की तस्वीर दिखाता है, वहीं उनकी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है।

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