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बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए 1 अक्टूबर से साल के अंत तक उत्पादन बढ़ाने का निर्देश
नई दिल्ली। देश में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने 100 से ज्यादा कैप्टिव कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को 1 अक्टूबर से साल के अंत तक पूरी क्षमता से चलाने का निर्देश दिया है। सरकार का उद्देश्य बढ़ती खपत के बीच बिजली की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है।
आने वाले महीनों में बिजली की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उद्योगों और अन्य बड़े बिजली उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी करने के साथ-साथ बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
वैश्विक स्तर पर भी ऊर्जा बाजार में हलचल तेज है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे दुनिया भर में ईंधन और परिवहन लागत पर दबाव बढ़ने की चिंता है।
भारत के लिए ऊर्जा की कीमतें इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि महंगे कच्चे तेल का असर परिवहन, उद्योग और महंगाई पर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार का बिजली उत्पादन बढ़ाने पर जोर ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
असर: आने वाले महीनों में बिजली की मांग और वैश्विक तेल कीमतों पर सरकार तथा बाजार दोनों की नजर रहेगी।


