
सफल हुआ अभियान तो पहली बार पृथ्वी पर आएंगे मंगल के चंद्रमा के नमूने
टोक्यो/भोपाल, शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026।
जापान ने मंगल ग्रह के रहस्यमयी चंद्रमाओं की खोज के लिए MMX (मार्शियन मून्स एक्सप्लोरेशन) मिशन शुरू किया है। जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA के इस अभियान का उद्देश्य मंगल के चंद्रमा फोबोस से मिट्टी और चट्टानों के नमूने एकत्र कर वर्ष 2031 तक पृथ्वी पर लाना है। मिशन सफल रहा तो यह मंगल के किसी उपग्रह से नमूने लाकर पृथ्वी पर पहुंचाने वाला पहला अभियान होगा।
दोनों चंद्रमाओं का होगा अध्ययन
मंगल के दो प्राकृतिक उपग्रह हैं—फोबोस और डीमोस। अंतरिक्ष यान दोनों का अध्ययन करेगा, लेकिन नमूने फोबोस की सतह से जुटाए जाएंगे। वैज्ञानिक जानना चाहते हैं कि ये उपग्रह मंगल के गुरुत्वाकर्षण में फंसे क्षुद्रग्रह हैं या मंगल के निर्माण के दौरान निकले पदार्थों से बने हैं।
2031 में वापसी की योजना
योजना के मुताबिक, अंतरिक्ष यान अगस्त 2027 में मंगल के आसपास पहुंचेगा। इसके बाद फोबोस की कक्षा में रहकर अध्ययन किया जाएगा और सतह से कम से कम 10 ग्राम नमूने जुटाने का लक्ष्य है। नमूनों को विशेष कैप्सूल में रखकर पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। मिशन के साथ फ्रांस और जर्मनी के सहयोग से तैयार इडेफिक्स रोवर भी भेजा गया है, जो फोबोस की सतह का अध्ययन करेगा।
वैज्ञानिकों को मिलेगी नई जानकारी
नमूनों की प्रयोगशालाओं में जांच से मंगल के चंद्रमाओं की उत्पत्ति, संरचना और सौरमंडल के शुरुआती इतिहास को समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नमूनों की वापसी अभी भविष्य की योजना है और इसकी सफलता मिशन के आगामी चरणों पर निर्भर करेगी।


