
ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूहों को अब सरकार की ओर से ऋण और प्रशिक्षण की विशेष सुविधा दी जा रही है।
इन समूहों की महिलाएं सिलाई, अचार और हस्तशिल्प जैसे लघु उद्योगों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार इस पहल से हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।


