
एनर्जी सीजफायर के दावे के दो दिन बाद रूस के छह ऊर्जा ठिकानों पर हमले का आरोप, युद्धविराम को लेकर फिर उठे सवाल
अमेरिका और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर शांति समझौते की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तुलना में शांति समझौते के लिए ज्यादा इच्छुक हैं। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने से जुड़े सीजफायर के दावे के महज दो दिन बाद रूस की ओर से छह ऊर्जा ठिकानों पर हमले की खबर सामने आई है।
इस घटनाक्रम ने युद्ध में ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और संघर्ष रोकने के प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में बिजली उत्पादन केंद्रों, ऊर्जा संयंत्रों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाए जाने से आम नागरिकों की जिंदगी भी प्रभावित होती है।
सीजफायर के बावजूद हमले जारी रहने का आरोप
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रखे और सोमवार को छह ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तैयार है, लेकिन रूस को भी इसी तरह कदम उठाना चाहिए। इन हमलों के बीच कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने और नागरिकों के घायल होने की खबरें भी सामने आईं।
ट्रम्प ने क्या कहा?
ट्रम्प ने कहा कि उनका मानना है कि पुतिन समझौता करना चाहते हैं, जबकि जेलेंस्की को भी इसके लिए तैयार करना होगा। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस ने सीजफायर का उल्लंघन किया है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी पूरी जानकारी नहीं है और वह इसकी जांच करेंगे।
शांति समझौते की राह में चुनौतियां
ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का प्रस्ताव युद्ध को सीमित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, लेकिन इसकी शर्तों और दोनों पक्षों की सहमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। रूस की ओर से सीजफायर स्वीकार किए जाने के स्पष्ट संकेत नहीं मिलने और यूक्रेन की ओर से हमलों की शिकायतों ने कूटनीतिक प्रयासों को मुश्किल बना दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका दोनों देशों को वास्तविक युद्धविराम के लिए तैयार कर पाएगा या ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे।


