
बदलते सामाजिक ढांचे के बीच विशेषज्ञ अब परिवारों को बुजुर्गों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।
कई सामाजिक संगठनों ने बुजुर्गों के लिए विशेष मिलन कार्यक्रम आयोजित करना शुरू किया है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इससे परिवार में भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है।


